Friday, July 25, 2014

हरिद्वार आटो यात्रा : कैसे बनी योजना ? ( haridwar auto yatra -1 )

प्रस्तुत कर्ता : हरेन्द्र धर्रा
नमस्कार मित्रों !
सावन का महिना तो महादेव का होता है काँवड़ियों के जयकारे और समां बांध देते हैं हाईवे स्पेशल काँवड़ियों के लिए खुलते है ना रोकटोक ना टोलटैक्स भोले बाबा के भक्तों के लिए सब कुछ खत्म |
                      20 जुलाई शाम को तीन चार दोस्तों के साथ घर  के बाहर बैठा था | सामने कुछ और दोस्त डाक काँवड़ लाने हरिद्वार जाने की तैयारी कर रहे थे | शाम को वे लोग निकल गए तो हम भी चहलकदमी करते हुए पार्क की तरफ निकल पड़े | रस्ते में चाउमीन ली और आगे जाकर हमने चाऊमीन पर धावा बोला |
                                    चाऊमीन खत्म होते होते हमारा भी प्रोग्राम बन चुका था हरिद्वार जाने का | तय हुआ आटो में जाया जाएगा | सभी सहमत हो गए |
                                      मै हरेन्द्र , पीयूष, सोमबीर, विक्रम का पक्का प्रोग्राम था लेकिन नितीश को आफिस से छुट्टी मिलेगी या नही पक्का नही था | उसकी छुट्टी की कामना करके आगे की तैयारी अगले दिन पर छोड़ दी |
      चित्र अगली पोस्ट में |
हर की पौड़ी




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